Photo by Pille R. Priske on Unsplash
कल मुझे एक दोस्त का फ़ोन आया बेचारी काफी डरी हुई थी कुछ दिनों से उसको जुकाम और बुखार था अब इसको ना काल में बॉडी टेम्प्रेचर ज़रा से ऊपर नीचे हो जाए तो कसम से यार सांसें अटक जाती है अब ऐसे में बुखार हो जाए वो भी जुकाम के साथ तो पहला खयाल तो यही आता है किलो जी लग गई हो गया कोरोना पर मेरी दोस्त के साथ दिक्कत यह है कि वह सालभर बीमार पड़ती रहती है हर दो महीने में खांसी, जुकाम, बुखार, खैर उसे टेस्ट करवाया कोरोना का और टेस्ट नेगेटिव आया पर हम में से कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें दिक्कत सालभर रहती है
कैसे पता चले की ये नोर्मल्ली बुखार है या फिर कोरोना की दस्तक?
ये बताया हमें डॉक्टर सुमित मुखर्जी ने देखिए Covid-19 के कुछ आम लक्षण हैं आप कुछ खा रहे है आप उसका टेस्ट नहीं आ रहा किसी चीज़ की स्मेल यानी गन्ना पता चलना शरीर में दर्द और बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करना बुखार आना अब अगर ये लक्षण हैं तो इशारा को Covid-19 की तरफ है करॉना के लक्षण के केस में आपको टेस्ट जरूर करवाना चाहिए पर अगर आपको ये लक्षण महसूस नहीं हो रहे हैं जो काम खांसी है तो डॉक्टर साहब की माने तो आपको साइनोसाइटिस हो सकता है अब ये एक तरह का इंफेक्शन है जो बैक्टीरिया या और वायरस की वजह से होता है इसमें आपको जुकाम, गले में दर्द वगैरह होता है साथ ही सबसे बड़ी बात ये है की आपको फेशियल पेन होता है यानी आपके चेहरे में भी दर्द महसूस होता है जब आप सिर झुका देंगे तो आपको भारी सा लगेगा जबड़े में गले में काफी दर्द महसूस होगा
वायरल इन्फेक्शन में फीवर तेज जायेगा फर्स्ट स्टेज में काफी तेज फीवर आएगा जो कि corona में नहीं होता सेकंडली लॉस एंजिल्स लॉस ऑफ टेस्ट बहुत ही नॉमिनल टु फाइव ये हमको सिर्फ कॉमन सिम्टम कभी कभी साइनसाइटिस के केसेस में मिल सकता है एलर्जी में फूफी स्टोरी ऑफ ओल्ड ऑफ रनिंग यूज़ स्नीजिंग आता है, जो कि कोड में आ भी सकता है नहीं देख सकता इसलिए हमारे लिए बहुत इम्पोर्टेन्ट है हम टाइम पे इस चीज़ को पहचान लें और इसके क्लियरफिट सन तरफ से उनको पहचानना जरूरी है लो ग्रेड फीवर विथ और विदाउट बॉडी थर्ड या फोर्थ डेट टेस्ट कराना ज़रूरी एक छोटा सा मूवमेंट करने पे भी ब्रेथलेस हो जाना जिसकों हैप्पी हाइपोक्सिया कहते हैं जांच कराने में ऑक्सीजन लेवल कम शायद ना हो, लेकिन ओवरऑल बॉडी के अंदर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिसके लिए हैप्पी है बॉक्स होता है बॉडी बहुत थका हुआ महसूस करता है हिंदी बोलने की ताकत नहीं बचती कोई भी दवा अपने आप ना लें इसमें अलग अलग दवाइयां बताई जाती है जैसे मैं आपको होम्योपैथी की कुछ इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करने के लिए दवाइयां होती है
पर ये तो ये बात तो दोनों तरह के लक्षणों की अब आते है कि इस मुददे पर क्या आपको लगातार खांसी, जुकाम और बुखार क्यों होता है? इसके शिकार लगातार क्यों होते रहते हैं,
यह जानने के लिए हमने बाकी डॉक्टर महिपाल शर्मा से सुनते हैं वो क्या कह रहे?
पहला मुख्य कारण जो इस समय हमारे देश में है वो है मानसून मानसून के दौरान काफी सारी बीमारियां हमारे देश में शुरू हो जाती है जैसे डेंगू, चिकनगुनिया, टायफॉईड, मलेरिया ये सारी बीमारियां बुखार के साथ शुरू होती है साथ में मरीज को बदन दर्द हो सकता है गले में खराश हो सकती है, खांसी हो सकती है, सर में दर्द हो सकता है दूसरा प्रमुख कारण इन सभी लक्षणों का वो हो सकता है एलर्जी दोस्तों इंसान को धूल से एलर्जी हो सकती है कॉलन से एलर्जी हो सकती है घर के जानवरों के बालों से एलर्जी हो सकती है अगर आप को इन्ही इन सब चीजों से एलर्जी है तो आपको गले में खराश, छींक आना, नाक बहना ये सभी सिम्पटम्स आपको साल भर बने रहेंगे ऐसे में आपको आपकी एलर्जी का जांच कराना जरूरी है और यह पता लगाना जरूरी है कि आपको कौनसे किस कारण से आपको एलर्जी की प्रॉब्लम होती है दोस्तों कुछ इन्फेक्शन जैसे की टॉन्सिल का इन्फेक्शन या फिर साइनस का इंफेक्शन इन दोनों इन्फेक्शन के अंदर में भी आपको सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार ये सारे सिमटम्स आपको बार बार बने रहते हैं दोस्तों अगला मुख्य कारण इन सभी लक्षणों का वो हैलो यूनिटी लॉ मिनिस्ट्री मतलब रोगों से लड़ने की कम शक्ति जो लोग शुगर के मरीज हैं या कैंसर के मरीज हैं या कुछ दवा ले रहे हैं, जिनसे यूनिटी लो हो जाती है या फिर ट्रांसप्लांट के जो मरीज हैं, इन सभी लोगों की रोगों से लड़ने की शक्ति कम होती है, जिससे इनको बार बार बार बार नोर्मल्ली, इन्फेक्शंस वगैरह होते रहते हैं ये सारे इन्फेक्शंस मुख्यता है सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार के के रूप में हमेशा सामने आते रहते
तो ये तो है कुछ वजहें अब बात की इससे निपटने के लिए क्या किया जाए?
हमें अपने खाने पीने की चीजों को चेंज करना बहुत जरूरी है उसके लिए हमें फल और वेजिटेबल्स सब्जियों को ज्यादा से ज्यादा खाना चाहिए वाइटमिन डी के लिए बार बार मेडिकल प्रैक्टिशनर बोल रहा है तो हमें विटामिन डी से रिलेटेड खाने पीने की चीजों पे ज्यादा ध्यान देना चाहिए जो नॉन वेजिटेरियन है उन्हें मछली या फिर अंडे का सेवन ज्यादा करना चाहिए जो बेटे ने उन्हें दूसरी लेट प्रोडक्ट्स का सेवन ज्यादा करना चाहिए और इसके अलावा सप्लीमेंट भी लेते रहें हमें हाइड्रेशन का ध्यान रखना चाहिए पानी नियमित अंतराल में पीते रहना चाहिए पानी की कमी होने से भी बार बार बीमार होती है सबसे इम्पोर्टेन्ट चीज़ है नींद का आना हमें नींद को नींद या स्लिम प्रोविशन से बचना चाहिए आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जिन लोगों में नींद की कमी रहती है, उन्हें उन मेल उनमें लॉन्ग टर्म लॉन्ग टर्म कॉम्प्लिकेशन्स ज्यादा होते हैं उनमें हार्ट और हार्ट से रिलेटिड कॉम्प्लिकेशन्स आने शुरू हो जाते हैं उनमें डायबिटीज़ होती है उनमें मोटापा बढ़ता है तो हमें नींद के बारे में ध्यान देना चाहिए जैसे की अभी सभी जगह हाइजीन के बारे में सोचता के बारे में बता रहे हैं
हालांकि सोचता के साथ साथ में हमें अपने ओरल हाइजीन और हमें मूर्ख हाइजीन के बारे में भी ध्यान रखना चाहिए हमें दिन में दो बार ब्रश करना चाहिए, इसके अलावा करारे करना चाहिए अब कब डॉक्टर के पास में जाए डॉक्टर मरीजों को डॉक्टर के पास में कोई भी व्यस्क अगर एक वन वीक से ज्यादा एक हफ्ते से ज्यादा लगातार बीमार है और उसे घरेलू उपचार से कोई फायदा नहीं हुआ है तो उसे अपने डॉक्टर के पास में जाना चाहिए यहाँ पे मैं एक बात पर ज़ोर देना चाहूंगा कि आप लोगों को जो कि एक वाइफ है या झोलाछाप डॉक्टर्स हैं, उनसे दूर रहना चाहिए वेल, क्वालिफाइड मेडिकल प्रैक्टिशनर डॉक्टर्स के पास में जाना और उनसे उनसे उनसे अपने प्रॉब्लम्स के बारे में बात करना जरूरी है
