#1 Latest जोड़ों का दर्द है तो डॉक्टर्स से समझें असली कारण

 

two woman doing workouts
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कल घर का सामान लेने गयी किराने की दुकान पर पड़ोसी अवस्थी अंकल मिल गए हमने पूछा अंकल क्या हाल चाल है? बोले  हम तो अपने जोड़ों के दर्द से बड़े परेशान हैं, काफी दर्द रहता है हड्डियाँ दुखती है, ना चल पाते है,  फिर हमें भी डरा दिया बोले तो अपनी हड्डियों का भी तुम ध्यान रखो अगर नहीं चाहती कि हमारा जैसा हाल हो जाए यार अब ये बात तो मेरी मम्मी भी कई बार बोल चुकी है खास तौर पर दूध पिलाते टाइम उम्र के साथ हड्डियाँ कमजोर हो जाती है ये तो बहुत बार सुना है हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम, दूध वगैरह लेना चाहिए ये भी अनगिनत बार सुना है पर ये हड्डियाँ कमजोर पड़ती क्यों है? जोड़ों में दर्द क्यों होता है?


चलिए पहले ये जानते है देखिये एक बात तो तय है उम्र के साथ शरीर में बदलाव तो आता ही है आपकी मांसपेशियां, हड्डियाँ जोड़ इन सब में उम्र के साथ बदलाव आएगा ही अब इसकी वजह है कि हमारी जो हड्डियाँ है ना ये लिविंग टिशू है यानी कि जीवित है इसकी बनावट भी है पर समय के साथ इसकी बनावट में आ जाता है फर्क हड्डियाँ जस्टिस यानी की उम्र तक की बनी होती है उसकी क्वालिटी में आ जाती है गिरावट लो क्वालिटी यानी हड्डियाँ कमजोर ज़रा सी चोट में फ्रैक्चर का डर इनकी कमजोर होने के पीछे कुछ वजह भी है


 आपका लाइफ स्टाइल जैसे एक्सरसाइज की कमी ज्यादा चलना फिरना नहीं ऑटो में मेनोपॉज़ बहुत बड़ी वजह है यानी जब आपके पीरियड्स बंद हो जाए मैनोपॉज की वजह से हड्डियाँ जस्टिस यानी की उम्र तक से बनी होती है, उनमें मिनरल गायब हो जाता है मिनरल बोले तो वो चीज़ जो आपकी हड्डी को मजबूत रखता है, सख्त रखता है कैल्शियम भी एक तरह का मिनरल ही है अब इसके गायब होने का मतलब है


 कमजोर हड्डियाँ आदमियों में उम्र के साथ सेक्स हार्मोन में कमी आ जाती है हॉर्मोन्स एक तरह के केमिकल होते हैं जो आपके शरीर में बनते हैं इन्हे एक तरह का दूध समझिये जो शरीर के एक जगह से दूसरी जगह मैसेज लेकर जाते हैं आपके अंग जो है वो इनका कहना मानते हैं फिर वो वही करते है जो हार्मोन से करवातें हैं 


सेक्स हॉर्मोन्स यानी की वो हार्मोन जो सेक्स के पूरे प्रोसेसर को कंट्रोल करते हैं अब उम्र के साथ ये केमिकल कम बनने लगता है नतीजा हड्डियाँ भी कमजोर होने लगती है और ऑस्टियोपोरोसिस यानी की हड्डियों की बीमारी होने लगती है इसमें हड्डियाँ कमजोर हो जाती है, आसानी से टूट सकती है इस बारे में हमने और तहसील से बात की डॉक्टर दिनेश से हड्डियों के डॉक्टर हैं सुनिए वो क्या कह रहे? 


आज हम बात करेंगे बड़ी उम्र में होने वाली हड्डियों के सबसे कॉमन दो प्रॉब्लम के बारे में एक है पॉज़िटिव आर्थराइटिस, जिसे बोलते है जोड़ों का दर्द दूसरा है ऑस्टियोपोरोसिस जीसको बोलते हड्डियों का कमज़ोर हो जाना ऑस्टियोपोरोसिस में क्या होता है? उम्र बढ़ने की वजह से हमारे शरीर की जो पाचन क्षमता होती है वो कम होती जाती है उसके कारण जो हड्डियों की हेल्थ के लिए जरूरी सबसे दो चीज़ होती है, कैल्शियम और विटामिन डी उसके मेटाबॉलिज्म पे फैक्टर इफ़ेक्ट पड़ता है और उसकी मात्रा शरीर में कम होती जाती है मात्रा शरीर में कम होने की वजह से सबसे ज्यादा असर उसको हड्डियों पर पड़ता है और हड्डियों का जो कैल्शियम का स्टॉक होता है उसकी मात्रा होती है वो भी कम होती है जो हड्डियों को कमज़ोर बना देती है उसकी वजह से आपको छोटी सी चोट लगने या गिरने पर हड्डियों के फ्रैक्चर हो सकता है इसके कई कारण हो सकते हैं कि ये कैल्शियम मेटाबॉलिज्म पे जो असर होता है, वहीं हड्डियों को कमज़ोर करता है दूसरा स्त्रियों में पैंतालीस पचास साल में जो हार्मोनल इम्बैलेंस होता है वो भी ये कैल्शियम मेटाबॉलिज्म पर असर करता है और हड्डियों को कमज़ोर करता है


थायराइड और डायबिटीज़ जैसे लंबे समय से चलने वाली बीमारी जो भी आपकी हड्डियों को भी कर सकती है चौथा अल्कोहल या तो आप जैसा कोई व्यसन जो भी आपकी हड्डियों कमज़ोर कर सकता है दूसरा प्रॉब्लम है और ऑस्टिओआर्थराइटिस इसको जोड़ों का दर्द बोलते है सबसे ज्यादा नोर्मल्ली जॉन के मूवमेंट के लिए उसके ऊपर गाडी होती है, जो मूवमेंट के दौरान दोनों हड्डियों को एक दूसरे के ऊपर गिरने से बचाती है बड़ी उम्र में क्या है की ये गाडी गिर जाती है और उसके ऊपर सूजन आ जाती है उसकी वजह से जो दोनों हड्डियों मूवमेंट के दौरान ज्वाइंट के जगह एक दूसरे के साथ गिरती है और वो आपको दर्द कर के जिसका ऑस्टियोआर्थराइटिस बोलते हैं, ये दोनों चीजें बहुत कॉमन है 

देखिए ये तो वही बात की आपकी हड्डियों कमजोर होने लगती है पर हालात बद से बदतर ना हो इसके लिए कुछ हो सकता है क्या? यह जानने के लिए हमने बात की डॉक्टर गुरिंदर बेदी से साथ ही यह भी जानने की कोशीश की कि अगर आपकी हड्डियों और जोड़ों में परेशानी है तब क्या करे?  उन्होंने क्या कहा? 

आपकी शरीर में जोड़ों और हड्डियों की तंदुरुस्ती रखने की प्रक्रिया जो है, वो आपकी बचपन में ही शुरू हो जाती है आपके पहले तीस से चालीस साल उम्र के बहुत जरूरी है क्योंकि इसके अंदर सबसे ज्यादा चान्सेस है कि आपकी शरीर की लचक बनी रहे, आपकी हड्डियों की ताकत बनी रहे इस वक्त आप जितनी एक्सरसाइज कर सकते हैं जितना भाग सकते हैं, चल सकते हैं अपने पांव में जितनी पांव के ऊपर जितना भार डाल सकते हैं


woman exercising indoors
 

वो बेहतर रहेगा उसके बाद आपकी जो कपैसिटी है कि आप अपनी हड्डी की ताकत बढ़ा ले, बहुत कम हो जाती है, उसके बाद अब मेनटेनेंस में चले जाते है मतलब की आप सिर्फ बनाके रख सकते हैं बना के रखने के लिए भी आपको वहीं करना पड़ेगा जो पहले किया था कि जितना पांव आप अपने अपने वजन पर डालेंगे जैसे आप सीढ़ियां चढ़ेंगे, लिफ्ट नहीं लेंगे कोशीश करके रोज़ तीन से चार किलोमीटर आप चल लेंगे कुछ व्यायाम करके अपनी जोड़ों को फ्लेक्सिबल रखेंगे, वो आपके लिए बेहतर है


 इसके साथ साथ अगर आप नियमित रूप से प्रोटीन जरूर अपने खाने में रखिए, उसके साथ साथ कैल्शियम किसी मात्रा में जरूर जानी चाहिए आपको अपने शरीर के ऊपर थोड़ी धूप लगाई है जैसे की वाट मंडी आपको एक सॉफ्ट हो जाए और आपको जितना दिन में कम से कम एक बार अगर आप योगा करने हफ्ते में पांच से छह बार अगर आप घूमने फिरने चले जाये तब तक की तीन से चार किलोमीटर एक बारी में तो आप आपकी उम्र बढ़ने के साथ साथ होने वाली प्रॉब्लम्स बहुत कम हो जाएंगे सिम्पल चीज़ है जैसे अं स्टडी हो ना मतलब कि लोग गिर जाते हैं, चक्कर ज्यादा आजाते हैं ये भी कम रहेंगे अगर आप की मसल्स की तंदरुस्ती बनी रहेंगी मांसपेशियों की तंदुरुस्ती बनने के लिए एक टाइम में आपको वजन वगैरह, वेट लिफ्टिंग वगैरह, एक्सरसाइज वगैरह जरूर कर लेनी चाहिए 

तो डॉक्टर साहब ने जो उपाय बताए हैं वो जरूर आजमाइए, असर दिखेगा 


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