#1 Latest अस्थमा क्या है जिसे covid-19 से सबसे ज्यादा खतरा है और इससे कैसे बचा जाए

Woman using her inhaler in the living room asthma  Health publicsehat
Credits Image - ByParmita Uniyal

मुझे अस्थमा है ये क्या होता है इसके बारे में थोड़ा तहसील से थोड़ी देर बाद बात करेंगे पर मोटा माटी कहे तो मुझे सांस लेने में काफी परेशानी होती है काफी दिक्कत होती है, बचपन से ही है ज़िन्दगी मेरी इन्हेलर के भरोसे काट रही थी पर एक दिन हम सबकी जिंदगी में आया करोना  भाई साहब सबकी जिंदगी की बैंड बजा दी घर से निकलना बंद हो गया

 दोस्तों से मिलना बंद हो गया और कहीं आना जाना बंद हो गया मेरे दोस्तों और घरवालों ने तो मुझ पर और भी पाबंदी लगा दी बोलें भाई तुम्हे तो अस्थमा है तुम्हारे लिए तो और भी खतरनाक है कोरोना अब इस बात को चार महीने हो गए ज़िंदगी एक डब्बे में घट रही है कुछ करने की कोशीश करो तो एक ही बात सुनने को मीलती है की तुम्हे तो अस्थमा है, तुम्हे ज्यादा रिस्क है 

तो भाई हमने सोचा कि दुनिया में हम अकेले तो है नहीं जैसे अस्थमा है और भी बहुत लोग हैं तो पता किया जाए कि क्या वाकई हमें दुसरो से ज्यादा रिस्क है और अगर हाँ तो फिर क्या किया जाए? पर सबसे पहले यह जान लेते हैं 

अस्थमा होता क्या है?


ब्रोकियल अस्थमा दरअसल एक तरह की बीमारी है कुछ लोग इसे अलर्जी समझते हैं पर ये सही नहीं है ये बीमारी ऐक्चुअली एलर्जी का एक नतीजा है अब सबसे पहले ये तो चीजें समझ लीजिए पहली बात अस्थमा में आपकी सांस की नली जो है ना वो धोखा दे जाती है ये इसलिए होता है 

क्योंकि आपकी सांस की नली के पास जो मांसपेशियां है उनमें ऐंठन होती है सांस की नली को एक पाइप की तरह समझिए कितनी सी जगह होती होगी उसके अंदर अब ये भी सिकुड़ जाए तो जगह और भी कम हो जाएगी नतीजा सांस लेने में कठिनाई आ जाती है बलगम भी ज्यादा बनता है, साथ ही खांसी भी आती है डेडली कॉम्बिनेशन है बाई गॉड और जब सांस बाहर छोड़ते हैं तो एक सीटी जैसी आवाज आती है जैसे हम बीजिंग कहते है

कुछ लोगों में बीमारी इतनी शिविर नहीं होती है, रोज़ का काम चलता रहता है पर कुछ लोगों को पढ़ते है खतरनाक है अस्थमा अटैक कुछ मिनट तक जबरदस्त खांसी के साथ सास नहीं आती है और सीने में काफी खिंचाव भी लगता है दूसरी बात जिन लोगों को अस्थमा होता है उनकी सांस की नली बहुत सेंसेटिव होती है आपको किसी भी चीज़ से एलर्जी हो सकती है 

जैसे की धूल है, बदलता मौसम है, ठंडी हवा है, कुत्ते या फिर बिल्ली के बाल हैं, पेड़ों और पौधों से निकलने वाली यह पाउडरनुमा पोलन है किसी भी चीज़ से आपको अलर्जी हो सकती है आप ज़रा से उसके कॉन्टैक्ट में आए और लग गया काम आपका आपकी ये सेटल सांस की नली शरमाकर सिकुड़ जाएगी और आपको पड़ेगा एक तगड़ा सा अस्थमा अटैक ये तो था  छोटा सा कोर्स अस्थमा पर पर मुद्दा यह है कि जिन लोगों को ये दिक्कत है

 क्या उनको Covid-19 से ज्यादा रिस्क है? और कैसा यह जानने के लिए हमने बात की डॉक्टर सुप्रीम से जानिय उन्होंने क्या कहा?


जब जब अस्थमा का अटैक होता है तब तक सांस की नली जो कि ऑक्सीजन को फेफड़ों तक ले जाती है वो सिकुड़ जाती हैं सिकुड़ने के कारण पेशेंट्स को सांस लेने में परेशानी होती है क्योंकि ऑक्सीजन की मात्रा सही अमाउंट में फेफड़ों तक नहीं पहुँच पाती है 

अब ऐसे रोगियों में जब  Covid-19  होता है या कोरोनावायरस उनके लंग्स में प्रवेश करता तब तक फेफड़ों में ऑक्सीजन के आदान प्रदान की क्षमता कम हो जाऐगी और अस्थमा के अटैक के कारण एक साथ ऑक्सीजन सेचुरेशन इनमें तेजी से नीचे के ऑक्सीजन सेचुरेशन मतलब खून में ऑक्सीजन की मात्रा इसके गिरने के साथ ही हमें तुरंत पेशेंट्स को ऑक्सीजन थेरेपी देनी पड़ती और अगर फिर भी ऑक्सीजन सेचुरेशन नॉर्मल नहीं आता है तो हमें पेशेंट्स को मैकेनिकल वेंटिलेटर मिशन मे लेटाते है ऐसे पेशेंट्स में मृत्यु दर बहुत ज्यादा होता है 

अब कोरोना काल में बचने के लिए क्या किया जाए, ये भी जान लेते हैं 


अस्थमा को ठीक करने के लिए इनहेलर से? दवाएं दी जाती है जो सीधे फेफड़ों में जाकर असर करती है इन दवाओं का असर जल्दी होता है, लंबे समय तक रहता है और इनहेलर थेरेपी के जो साइड इफेक्ट है वो बिलकुल ना के बराबर होते हैं Covid-19  का समय अस्थमा के मरीजों के लिए अच्छा नहीं है इससे बचने के लिए अस्थमा की दवाएं समय पर और सटीक तरीके से लेना आवश्यक है अस्थमा से ग्रसित व्यक्तियों को इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगवाना चाहिए बाकी आप प्राणायाम कर सकते हैं यदि गले में दर्द, बुखार, सर्दी, खांसी होती है तो तुरंत अपने चिकित्सक के पास जाकर मिले 

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