pooja चाहती है कि हम अपने शो पर एन्युरिज्म के बारे में बात करे वैसे बता दें, एन्युरिज्म हमारे देश में एक बहुत ही आम प्रॉब्लम बनती जा रही है इतना कि हर साल छिहत्तर हज़ार पांच सौ, से लेकर दो लाख चार हज़ार एक सौ केस रिपोर्ट होते हैं हर साल डॉक्टर्स का भी कहना है कि एन्युरिज्म एक बहुत ही खतरनाक सिचुएशन है इमर्जेन्सी में इसके सबसे ज्यादा केसेस आते हैं जब एन्युरिज्म इतनी आम समस्या बन गई है तो इसके बारे में लोगों को जानकारी होना भी बहुत जरूरी है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण बहुत ही आम है जैसे सिर दर्द तो सबसे पहले तो हम यह जान लेते हैं कि एन्युरिज्म है क्या
एन्युरिज्म है क्या
एन्युरिज्म एक विशेष प्रकार की खून की नाड़ियों की कमजोरी है और ब्रेन मे जो खून की रंगे हैं उसमें कहीं पे भी डिफेक्ट आ सकता है जिसका बड़ा रिस्क जो होता है ये अगर फट गया क्योंकि यह कमजोर होता है तो उसके शरीर पे जो इफेक्ट है वो बहुत भारी पड़ सकते हैं
एन्युरिज्म के कारण
एन्युरिज्म नाड़ियों में कमज़ोरी के कारण हो सकता है या इन्फेक्शन के कारण हो सकता है कभी इंजरी हो जाती है, सिर में चोट लगने के कारण हो सकता है, और दूसरा एक हमारे शरीर में कुछ सिंड्रोम होते है जैसे पॉलिसिस्टिक किडनी जिन लोगों को पॉलिसिस्टिक किडनी की समस्या है, उन लोगों में एन्यूरिज्म ज़्यादा होता है
एन्युरिज्म के लक्षण
लक्षण आमतौर पर पता नहीं चलते पर कभी-कभी सिर दुखता है , ब्लड प्रेशर हाई होता है,पर जब एन्यूरिज्म फटता है उसके बाद होने वाले लक्षण जानलेवा भी हो सकते हैं सिर मे गर्दन में दर्द होता है इसके साथ-साथ शरीर का कोई भी अंग काम करना बंद कर देता है इन लक्षणों को 5 ग्रेड में बांटा गया है, 1, 2, 3 में सिर दर्द, हाई ब्लड प्रेशर, बेचैनी, उल्टी, गर्दन में दर्द होता है पर इंसान होश-ओ-हवास में रहता है ग्रेड 4,5 में लकवा भी मार सकता है ये लकवा कहां मारेगा इसपर निर्भर करता है कि कहां पर एन्यूरिज्म है
डायग्नोसिस
एक सिंपल से सी-टी स्कैन से एन्यूरिज्म की पहचान हो सकती है एक और टेस्ट भी किया जाता है जिसको डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी कहते हैं इससे पता चल जाता है कि ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन कैसा है कौन सी जगह पर सूजन है
एन्युरिज्म का इलाज
एन्यूरिज्म के लिए 2 इलाज उपलब्ध हैं पहले 72 घंटों में 30-40 प्रतिशत रिस्क होता है इसलिए सर्जरी का ऑप्शन दिया जाता है दूसरा इलाज है एंजियोग्राफी जिसमें नाड़ियों में आई सूजन के अंदर प्लैटिनम कॉइल बैठाया जाता है ये सूजन को फटने से बचाता है एक नया इलाज भी उपलब्ध है जिसे फ्लो डाइवर्टर करंट थेरेपी कहते हैं जिसमें एक छोटा सा पाइप जहां सूजन है वहां बैठाया जाता है इससे खून सूजे हुए एरिया में नहीं जाता और सीधा चला जाता है जिसमें एक छोटा सा पाइप जहां सूजन है वहां बैठाया जाता है पहला इलाज जान बचाने के काम आता है दूसरा इलाज ICU मैनेजमेंट है जिसमें 2 हफ्ते के लिए ब्लड प्रेशर वगैरह का ध्यान रखकर ये किया जाता है अगर ये कामयाब होता है तो आगे कोई प्रॉब्लम नहीं आती है
